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2030 से पहले शिशु मृत्यु दर ईकाई तक लाना लक्ष्य, वर्तमान में है 1000 पर 29


स्वास्थ्य मंत्री ने किया इंडियन न्यूबोर्नं एक्शन प्लान का उद्घाटन, बिल गेट्स ने की डॉ हर्षवर्धन की तारीफ नई दिल्ली। दुनिया भर में 2.8 मिलियन शिशुओं की जन्म के दौरान मौत हो जाती है। इनमें से 700,00 मौतें भारत में होती हैं। इन मौतों को रोका जा सकता है। अब हमारे पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक एक्शन प्लान है। मैं लंबे समय की अवधि वाले लक्ष्यों में विश्वास नहीं रखता। हमें अपने लक्ष्य छोटी अवधि में ही पूरे करने चाहिए। यह कहना था केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन का, जोकि इंडियन न्यूबोर्नं एक्शन प्लान (आईएनएपी) का उद्घाटन करने के मौके पर बोल रहे थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि सरकार को पूरा भरोसा है कि शिशु (जन्म के 28 दिनों तक) मुत्य दर निर्धारित लक्षित वर्ष 2030 से पहले ही दहाई से इकाई में आ जाएगी। वतज़्मान में शिशु मृत्य दर 1000 पर 29 है। इसके लिए प्रसव से पहले और उसके बाद सस्ती लागत वाले कदम उठाए जाने की जरूरत है। योजना के बारे में बताते हुये डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि आईएनएपी को प्रजननीय, मातृत्व, शिशु स्वास्थ्य और किशोरावस्था से आगे (आरएमएनसीएचए) फ्रेमवर्क के तहत लागू किया जाएगा। नवजात के जन्म के दौरान और शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर छह प्रभावी रणनीति बनाई जाएगी। इनमें प्रसवपूर्व देखभाल, प्रसव और बच्चे के जन्म के दौरान देखभाल, जन्म के तत्काल बाद नवजात शिशु की देखभाल, स्वस्थ नवजात शिशुओं की देखभाल, छोटे और बीमार नवजात शिशुओं की देखभाल और बच्चे के बचने के बाद की देखभाल। इस मौक पर बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फ ाउंडेशन के प्रमुख बिल गेट्स ने पोलियो के खिलाफ अभियान को लेकर स्वास्थ्य मंत्री की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत के पोलियो के खिलाफ अभियान से ये सीख मिलती है कि इस तरह की जंग अन्य बीमारियों के खिलाफ भी छेड़ी जा सकती है। इस मौके पर फ ाउंडेशन की को-चेयरमैन मेलिंडा गेट्स ने कहा कि आईएनएपी शुरू करके भारत ने इस दिशा में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। उन्होने बताया कि आईएनएपी के छठे स्तंभ के तहत भारत ने ऐसे बच्चों के जीवनस्तर की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं जो कि किसी जन्म दोष, मस्तिष्क संबंधी समस्या और अशक्तता के साथ पैदा हुए हैं। इस प्लान को कारगर और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक सुस्पष्ट रणनीति बनाई गई है।