इटावा। डॉ. भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय एक बार फिर अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला महिला वार्ड से जुड़ा है, जहां अस्पताल परिसर में रखे स्ट्रेचर पर एक कुत्ता आराम करता हुआ दिखाई दिया। घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था तथा साफ-सफाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला वार्ड के बाहर रखे स्ट्रेचर पर सफेद चादर बिछी हुई थी, जिस पर एक काला कुत्ता आराम फरमाता नजर आया। लोगों का कहना है कि जब अस्पताल में मरीजों के उपयोग में आने वाले स्ट्रेचर तक सुरक्षित नहीं हैं, तो अस्पताल की व्यवस्थाओं का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन स्ट्रेचर देने के नाम पर मरीजों और तीमारदारों से आधार कार्ड जमा कराने की शर्त रखता है। कर्मचारियों का कहना होता है कि ऐसा स्ट्रेचर चोरी होने से रोकने के लिए किया जाता है।
लेकिन इमरजेंसी की स्थिति में मरीज के परिजन पहले इलाज की चिंता करें या आधार कार्ड खोजें — यह बड़ा सवाल बन गया है।लोगों का कहना है कि कई बार गंभीर हालत में पहुंचे मरीजों को स्ट्रेचर लेने में देरी का सामना करना पड़ता है। आधार कार्ड न होने पर स्ट्रेचर न देने की बात भी सामने आती रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब अस्पताल प्रशासन स्ट्रेचर की सुरक्षा को लेकर इतना सख्त है, तो फिर वही स्ट्रेचर आवारा कुत्तों तक कैसे पहुंच रहे हैं।अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने पूछा कि महिला वार्ड और इमरजेंसी क्षेत्र में तैनात सुरक्षा गार्ड व चौकीदार आखिर कहां थे।
अस्पताल में मरीजों की सुविधा और स्वच्छता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक व्यवस्थाओं में सुधार नहीं कर सके हैं।जनता का कहना है कि इमरजेंसी में मरीज की जिंदगी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है, न कि आधार कार्ड की औपचारिकता। लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार तथा जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्ट: विशाल रावत
