इटावा: थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के यशोदा नगर मोहल्ले के रहने वाले अमित कुमार के 7 वर्षीय पुत्र कृष्णा के साथ एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया। कृष्णा कक्षा-1 का छात्र है पिता अमित कुमार ने बताया की बुधवार 6 मई को हम कैब चलाने गए थे बच्चे की मां घर पर अपने काम में व्यस्त थीं और कृष्णा टीवी देख रहा था। इसी दौरान खेल-खेल में उसने टीवी रिमोट पेंसिल सेल को मुंह में दबा लिया और अचानक सेल गले से होते हुए पेट और आंतों में जाकर फंस गई। जैसे ही बच्चे ने यह बात अपनी मां को बताई परिवार में हड़कंप मच गया। माता-पिता और जीजा बच्चे को लेकर कई निजी अस्पतालों में पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने एक्स-रे कराने की सलाह दी।
एक्स-रे रिपोर्ट में साफ दिखाई दिया कि रिमोट की सेल आंतों के बीच फंसी हुई है।डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन से इंकार करते हुए बताया कि सेल प्राकृतिक तरीके से लैट्रिन के रास्ते बाहर निकल सकती है। और कोई रास्ता नहीं है दो दिन बाद बच्चे के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई। 7 मई गुरुवार रात करीब 11 बजे बच्चों के मौसा विकास कूशवाहा मौसी सुलेखा कुशवाहा मामा संतोष बच्चे को इलाज के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी लेकर पहुंचे, जहां करीब चार घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में उपचार किया गया। डॉक्टरों ने बच्चे की हालत स्थिर बताते हुए उसे घर भेज दिया पूरी रात परिवार चिंता में डूबा रहा।
8 मई दिन शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बच्चे के पेट में फंसी सेल लैट्रिन के रास्ते बाहर निकल गई। इसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली।बच्चे की मां अंजू ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि छोटे बच्चों को रिमोट, सेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान से दूर रखें। बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखें। यदि बच्चा कोई धातु या सेल निगल ले, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
