पांच किलोमीटर पैदल चलकर महिलाओं ने दिया श्रद्धा का अद्भुत परिचय
भरथना/इटावा। ऊँ श्री पागल बाबा गंगा सागर धाम परिसर में आयोजित नौ मंजिला श्री पागल बाबा मंदिर शिखर पूजन एवं पंचतत्व हरिहर महायज्ञ के अंतर्गत रविवार को 1008 महिलाओं द्वारा सिर पर मंगल कलश धारण कर भव्य एवं ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं के जयकारों, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।कलश यात्रा का शुभारंभ रविवार शाम लगभग पांच बजे मुहल्ला मोतीगंज स्थित पुराने पागल बाबा मंदिर परिसर से वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ हुआ। पीले और लाल परिधानों में सुसज्जित 1008 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर नगर के प्रमुख मार्गों से यात्रा निकाली। यात्रा के आगे-आगे बैंड-बाजे, धार्मिक झांकियां और धर्म ध्वज लिए श्रद्धालु चल रहे थे, जबकि पीछे हजारों की संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शामिल रहे।
कलश यात्रा पुराने पागल बाबा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर मोतीगंज, राजागंज, ग्राम कुंवारा और मोढ़ी होते हुए ऊँ श्री पागल बाबा गंगा सागर धाम परिसर स्थित पंचतत्व हरिहर महायज्ञ के यज्ञ स्थल पर देर शाम पहुंची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। साथ ही महिलाओं को शीतल पेय एवं प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालु महिलाओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ लगभग पांच किलोमीटर की यात्रा पूर्ण की।मंदिर के मुख्य न्यासी श्याम सुंदर चौरसिया ‘भैया जी’ ने बताया कि यह कलश यात्रा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और जनकल्याण की भावना को समर्पित है।
उन्होंने कहा कि महायज्ञ के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना एवं लोककल्याण का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। थाना प्रभारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। वहीं मंदिर समिति के सेवकों के साथ एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राएं भी व्यवस्था संभालते रहे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए रस्सी का घेरा बनाकर पूरी यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया।
कलश यात्रा में संत-महात्माओं, गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। भक्ति, उत्साह और धार्मिक उल्लास से सराबोर यह आयोजन पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना रहा।देहरादून से आए श्री भैरवनाथ डमरू मंडल ने बिखेरा रंगकलश यात्रा में विशेष आकर्षण का केंद्र देहरादून से आई 24 सदस्यीय डमरू पार्टी रही। कलाकारों ने यात्रा के दौरान मनमोहक धार्मिक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उनके प्रदर्शन पर लोगों ने जमकर उत्साह व्यक्त किया।बाबा की चरण पादुका लेकर पैदल चले मुख्य न्यासीकलश यात्रा के दौरान मंदिर के मुख्य न्यासी श्याम सुंदर चौरसिया ‘भैया जी’ बाबा की चरण पादुका को अपने सिर पर रखकर पूरे मार्ग में पैदल चलते रहे। श्रद्धालुओं ने इसे गहरी आस्था और समर्पण का प्रतीक बताया।नंगे पांव तय की पांच किलोमीटर की यात्राभीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं का उत्साह देखने लायक रहा। दोपहर 12 बजे से ही महिलाएं गेस्ट हाउस परिसर में एकत्रित होने लगी थीं। मोतीगंज से ऊँ श्री पागल बाबा गंगा सागर धाम तक लगभग पांच किलोमीटर लंबी यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने नंगे पांव चलकर अपनी श्रद्धा और भक्ति का परिचय दिया। गर्मी और कठिनाइयों के बावजूद महिलाओं के चेहरे पर उत्साह और आस्था स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
यह लोग रहे उपस्थितमंदिर के मुख्य न्यासी श्याम सुंदर चौरसिया, गुड्डू चौरसिया, आशु चौरसिया, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अजय यादव गुल्लू, व्यापार मंडल के अध्यक्ष बंटी पोरवाल, अखिलेश पोरवाल, राजेश पंडा, शहीद नगर के सैकड़ो गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।
