पुरैला,इटावा। इटावा के ग्राम पुरैला में डेंगू में पैर पसार लिए हैं गांव में लगभग 80 लोग बीमार हो गए हैं,जबकि डेंगू बुखार की चपेट में आने से दो मरीजों की मौत भी हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा नालियों में कीटनाशक दवाई का छिड़काव न होने के कारण डेंगू रोग जैसी महामारी ने गांव में प्रवेश कर लिया है। जिससे आए दिन सैकड़ो की संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं।
एक महिला जिसकी उम्र 50 वर्ष नाम बीना पति भगवान दास की मौत हो गई है। वहीं 2 दिन पहले 55 वर्षीय योगेश बाबू की भी डेंगू के कारण मौत हो चुकी है। जिसके बाद से पूरे गांव और इलाके में दहशत फैली हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा डेंगू से निपटने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है,और न ही गांव की गलियां तालाबों की साफ सफाई समय से कराई जा रही है।
जिसके कारण डेंगू मच्छरों ने जन्म ले लिया है और यह डेंगू जैसी बीमारी गांव में पनप रही है।सैकड़ो की संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं। गांव के ग्रामीण कमल ठाकुर ने बताया कि प्रधान से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत की गई है,लेकिन किसी भी अधिकारी ने आज तक कोई सुनवाई नहीं की है। गांव के सभी तालाब पर अवैध कब्जा हो रखा है। जगह-जगह पर गंदा पानी भरा हुआ है जिसके कारण मच्छर पनप रहे हैं और डेंगू जैसी बीमारी से लोग ग्रसित हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार समय से पहले गांव में कीटनाशक दवाई का छिड़काव नहीं किया जाता है। जब इस मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय विक्रम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गांव में डेंगू जांच के लिए कैंप लगाया गया है। जगह-जगह कीटनाशक दवाई का भी छिड़काव किया जा रहा है। जिससे मलेरिया डेंगू जैसे मच्छर पनप न सके और बीमारी से बचा जा सके।
