भरथना,इटावा। ‘‘नन्द घर आनन्द भयौ, जय कन्हैया लाल की‘‘ समधुर संगीतमयी ध्वनियों के बीच भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही मौजूद महिलाओं ने बधाईयां डाल नृत्य करके अपने आराध्य के बाल स्वरूप के दर्शन किये और सर्वकल्याण की कामना की। भरथना कस्बा के मुहल्ला ब्रहमनगर स्थित हनुमान मन्दिर पर चल रही श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दौरान सरस कथावाचक आचार्य धर्मेन्द्र कृष्ण त्रिपाठी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की लीला का बडा ही मार्मिक वर्णन किया।
जिसे सुनकर मौजूद श्रद्धालु महिला-पुरूष भावविभोर हो गये। उन्होंने कहा कि ऐसा माना जाता है कि जब-जब धरती पर पाप बढता है और धर्म की हानि होती है,तब-तब भगवान अवतार लेते हैं। इसी प्रसंग के क्रम में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के समय समूचा पाण्डाल ‘‘नन्द घर आनन्द भयौ, जय कन्हैया लाल की‘‘, ‘‘प्रकट भये नन्दलाला‘‘ की समधुर ध्वनियों के बीच गुंजित हो गया। मौजूद श्रद्धालु महिला-युवतियों ने अपने आराध्य के जन्म उत्सव के समय मनमोहक स्वरूप में सजे उनके बालरूप के दर्शन कर बधाईयां डालकर नृत्य किया। साथ ही कथा के अन्य प्रसंगों का भी रसपान कराया गया।
तदुपरान्त नन्हें-मुन्हें बच्चों को प्रसाद स्वरूप फल, मेवा,बिस्कुट,टॉफी, खेल-खिलौने आदि वितरित किये गये। भागवत कथा के दौरान परीक्षित अशोक चौधरी सपत्नी किरन चौधरी,राजीव तिवारी, संजीव तिवारी,अमित मिश्रा,रोहित यादव, राजकुमार,वीरू तिवारी, विकास तिवारी,विवेक तिवारी,मोनू शुक्ला,प्रदीप मिश्रा,कन्हैया अवस्थी, राहुल तिवारी,ऋषभ तिवारी,शशांक दीक्षित, श्याम दीक्षित,कृष्णा शुक्ला, दीनानाथ चौधरी,विनय शुक्ला,आयुष तिवारी, विनोद,अरूण,हिमांशू,दीप, राघव,माधव आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
