प्रशासन कौन सी और बड़ी घटना का कर रहा है इंतजार
इटावा। इटावा शहर समेत पूरे जनपद में इन दिनों आवारा कुत्तों के साथ बंदरों और गौवंशों का आतंक पूरे शबाव पर है,जिसमें इन दिनों आवारा कुत्ते और बन्दर बुरी तरह खूंखार बने हुए हैं।बीते दिनों इटावा शहर में ही एक बच्चे को खूंखार कुत्तों ने अपना निवाला बनाकर बच्चे को मौत के घाट उतार दिया था। जिसके बाद से शहर और ग्रामीण अंचल समेत पूरे जनपद में कुत्ते और बंदरों को लेकर लोगों में दहशत भरी हुई है।इटावा शहर की नवीन कृषि उत्पादन मण्डी समिति के पीछे बनी जनता कॉलोनी के निवासी उदयवीर सिंह यादव ने मुख्यालय के आलाधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर कॉलोनी में घूम रहे आवारा खूंखार कुत्तों पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए बताया कि उनकी कॉलोनी में करीब 20 आवारा खूंखार कुत्तों का एक झुंड अकारण छोटे छोटे बच्चे और बुजुर्गों पर हमला कर उन्हें दौड़ा लेते हैं,किसी तरह अन्य लोगों के ललकारने और लाठी डंडों के प्रयास से बचाया जाता है,इसके बावजूद कॉलोनी के आवारा खूंखार कुत्ते प्रति दिन दो से तीन बच्चे व बुजुर्गों को अपना शिकार बना ही लेते हैं।
उन्होंने प्रशासन से उक्त आवारा खूंखार कुत्तों के झुण्ड को पकड़वाए जाने की मांग की है,ताकि कॉलोनी के बच्चे और बुजुर्गों को सुरक्षित किया जा सके।जानकारी के अनुसार इटावा शहर समेत ग्रामीण अंचलों तक एक लाख से ज्यादा आवारा खूंखार कुत्ते आफत बन चुके हैं। और शाम होते ही कुत्तों का झुंड सड़कों पर निकलकर आतंक शुरू कर देते हैं। बल्कि कुत्तों को डाटंने पर हमलावर हो जा हैं।
यदि किसी तरह कुत्तों के पास या दूर से कोई निकल भी जाए तो कुत्तों का झुंड व्यक्ति को दौड़ा लेता है। इसके अलावा हजारों की संख्या से ज्यादा पालतू कुत्ते भी खतरा बने हुए हैं।जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन पांच सैकड़ा से अधिक कुत्तों के हमलों से घायल लोग एंटीरैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। शहर व गांव की घनी आबादी वाली कॉलोनी और मोहल्ले से लेकर नव विकसित क्षेत्रों में करीब 50 हजार आवारा कुत्ते खूंखार बने घूम रहे हैं।जबकि जनपद भर में तीन हजार से अधिक की संख्या में विदेशी नस्ल के पालतू कुत्ते बड़े घरानों में मौजूद हैं। जिनसे आम नागरिकों के साथ स्कूली नन्हें मुन्हें बच्चों को और बुजुर्गों को सुरक्षित बचाया जाना अत्यंत जरूरी है।
