इटावा। भरथना के ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध करते हुए कामकाज किया और प्रदेश संगठन के आवाहन पर समस्त माँगांे से सम्बन्धित निस्तारण हेतु प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। भरथना विकास खण्ड कार्यालय पर मंगलवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ0प्र0 के आवाहन पर भरथना क्षेत्र के समस्त ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारियों ने विभिन्न अपनी माँगों को लेकर विरोध करते हुए काली पट्टी बाँधकर जोरदार प्रदर्शन किया। लेकिन विधिवत अपने पदीय दायित्वों को सम्पादित करते रहे। ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति इटावा के जिलाध्यक्ष पूरन सिंह ने बताया कि पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास विभाग के प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायत सचिव ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली एवं मूल विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागों के कार्यों का विरोध करने हेतु समग्र रूप से विगत 1 दिसंबर से प्रदेश व्यापी क्रमिक सांकेतिक शांतिपूर्ण सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत काली पट्टी बांधकर शुरू हो गयी है। जिसके क्रम में उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ एवं ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से शासन को पूर्व में दिए गए पत्रों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेने से दोनों संवर्गों की प्रांतीय स्तर की जूम मीटिंग के बाद उपर्युक्त कार्यक्रम घोषित किया गया है।
शासन द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों को बिना कोई अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराये उनके व्यक्तिगत मोबाइल एवं सिम से फेशियल रिकॉग्निशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम के द्वारा क्षेत्रीय सचिवों की उपस्थिति हेतु पत्र जारी किया गया है। जिससे पूरे प्रदेश में सचिवों में रोष एवं भय व्याप्त है। क्योंकि उपर्युक्त उपस्थित प्रणाली उनके क्षेत्रीय कार्य की प्रकृति के बिल्कुल विपरीत है। साथ ही पूरे प्रदेश में क्षेत्रीय ग्राम सचिव अपना मूल कार्य नियमित ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि उनके ऊपर गैरविभागीय कार्य जैसे फार्मर रजिस्ट्री, एग्रो स्टैक सर्वे, गौशाला प्रबंधन, आयुष्मान हेल्थ कार्ड, फैमिली आईडी, विभिन्न प्रकार के पेंशनों का सत्यापन, शिक्षा विभाग के ऑपरेशन कायाकल्प एवं बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, गायों के लिए भूसा का प्रबंधन, सोलर पैनल लगवाने का लक्ष्य, पराली प्रबंधन आदि को करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए शासन-प्रशासन के अधिकारी अत्यधिक दबाव बना रहे हैं।
जिससे कर्मचारी अस्वस्थ होने के साथ विभिन्न दुर्घटनाओं के भी शिकार हो रहे हैं। तदक्रम में पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास विभाग के सचिवों की पीड़ा को देखकर केंद्रीय नेतृत्व ने 1 दिसंबर से 4 दिसंबर तक विकास खंडों में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है तथा 5 दिसंबर को पूरे प्रदेश के समस्त 826 विकास खंडों में प्रदेश के समस्त सचिव एक दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन करेंगे तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री को समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रेषित करेंगे।
इसके बाद प्रदेश के समस्त सचिव अपने व्यक्तिगत मोबाइल से जनपद के समस्त शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों से अपने को विरत कर लेंगे तथा 10 दिसंबर से प्रदेश के सभी सचिव अपने निजी वाहनों से सरकारी कार्य नहीं करेंगे तथा 15 दिसंबर को समस्त सचिव अपने डोंगल को विकास खंडों पर समर्पित कर देंगे। उपर्युक्त समस्यात्मक बिंदुओं पर अगर शासन-प्रशासन द्वारा समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास नहीं किया गया, तो प्रदेश के संपूर्ण सचिव भविष्य में संपूर्ण कार्य बहिष्कार एवं अनवरत धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
विरोध प्रदर्शन के दौरान महामंत्री नीरज यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक परिहार, उपाध्यक्ष अंजुला यादव, इन्तियाज अतहर, कोषाध्यक्ष उमाकान्त, संयुक्त मंत्री अतुल दोहरे, शैलेन्द्र कुमार सिंह, शैलेन्द्र कुमार, संजीव यादव, दीपक यादव, अनुज कुमार श्रीवास्तव, अनुज यादव, विपिन कुमार, जितेन्द्र कुमार, अखिलेश कुमार, स्नेहलता, अजय कुमार, पंकज पाल, महेन्द्र कुमार, अवनीश सिंह यादव, अर्चना यादव, शरद कुमार, अनीता, विवेक सिंह, राधामोहन, आयुषी अग्रवाल, अरविन्द कुमार, गौरव सहित समस्त कर्मचारियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
