औरैया। जनपद औरैया में फर्जी डॉक्टर बनाकर अस्पताल संचालकों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए इसके मुख्य आरोपी और 25 हजार रुपये के इनामी दीपक कुमार को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस पूरे मामले के खुलासे और गिरफ्तारी में महिला उपनिरीक्षक आनंद कुमारी की भूमिका सराहनीय रही।यह मामला 7 अप्रैल 2024 को उस समय सामने आया था, जब नवीन कुमार निवासी भरथना रोड ऊसराहार जनपद इटावा ने कोतवाली औरैया में तहरीर देकर बताया कि उनके अस्पताल एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए चिकित्सकों की आवश्यकता थी।
इसी दौरान उनकी मुलाकात दीपक कुमार पुत्र अनिरुद्ध विश्वकर्मा निवासी ग्राम व पोस्ट मलाह बराई थाना चौबेपुर जनपद वाराणसी से हुई। दीपक ने डॉक्टर उपलब्ध कराने का झांसा देकर लगभग चार लाख रुपये की ठगी कर ली और फर्जी डॉक्टरों की टीम भेज दी।जब इन तथाकथित डॉक्टरों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी औरैया के समक्ष प्रस्तुत किया गया, तो जांच में उनके सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि डॉक्टर बताने वाला मनोज कुमार वास्तव में धनंजय शर्मा है, जबकि प्रशांत कुमार मिश्रा स्वयं को एंटी करप्शन ब्यूरो का एएसपी बता रहा था। इसके अलावा संजीव नामक व्यक्ति भी फर्जी कागजातों के साथ पकड़ा गया।घटना की सूचना मिलते ही औरैया पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें तीन आरोपियों को दिबियापुर बंबा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि गिरोह का सरगना दीपक कुमार फरार हो गया था।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत दीपक कुमार पर 5 जनवरी 2026 को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।रविवार 12 जनवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम ककुरिया मोड़, औरैया-दिबियापुर मार्ग से दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त UP MCI व NMC की वेबसाइट से डॉक्टरों के दस्तावेज डाउनलोड कर उनमें हेरफेर करता था और मिलते-जुलते चेहरों वाले लोगों को फर्जी डॉक्टर बनाकर प्रस्तुत करता था।गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायण त्रिपाठी, महिला उपनिरीक्षक आनंद कुमारी, कांस्टेबल देवदत्त पचौरी व कांस्टेबल सुनील चाहर शामिल रहे। पुलिस द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
