इटावा। जिला अस्पताल परिसर में मरीजों को ठगने वाले एक व्यक्ति की करतूत का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी अस्पताल आने वाले मरीजों से जांच कराने के नाम पर पैसे वसूलता था। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. परितोष शुक्ला की सतर्कता से आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।मामला तब उजागर हुआ जब एक महिला मरीज ने बताया कि आरोपी ने उससे अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर 200 रुपये लिए थे।
महिला ने भुगतान करने के बाद भी जांच नहीं कराई गई और आरोपी मौके से गायब हो गया। इस घटना से आहत महिला ने अस्पताल प्रशासन को सूचना दी । सोमवार को जब महिला फिर अस्पताल पहुंची, तो उसने उसी व्यक्ति को अस्पताल परिसर में घूमते हुए देखा । महिला ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और अस्पताल प्रशासन को बुला लिया।मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परितोष शुक्ला मौके पर पहुंचे और आरोपी से पूछताछ की।
उन्होंने बताया कि पकड़े जाने के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए गूंगा होने का नाटक शुरू कर दिया। वहीं, जांच के दौरान आरोपी के पास से आधार कार्ड और एक विकलांगता प्रमाण पत्र बरामद हुआ, जिसमें उसे बहरा दर्शाया गया है।डॉ. शुक्ला ने कहा, “सर्टिफिकेट में आरोपी को बहरा बताया गया है, जबकि पकड़े जाने पर उसने खुद को गूंगा बताने की कोशिश की । यह साफ है कि आरोपी चालाकी से मरीजों को ठगने का काम कर रहा था। अब इस मामले में गहन जांच होगी ताकि दलाली की इस कड़ी को पूरी तरह तोड़ा जा सके।”इस घटना के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन सक्रिय हो गया है।
CMS ने कहा कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की दलाली या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस तरह के मामलों की रोकथाम के लिए अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और सख्त किया जाएगा।सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अकेले काम कर रहा था या किसी दलाल गिरोह का हिस्सा है। फिलहाल पुलिस आरोपी की पृष्ठभूमि खंगालने में जुटी है।मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परितोष शुक्ला ने संदेश देते हुए कहां जिला अस्पताल में सभी जांचे, उपचार निःशुल्क है तथा कुछ में मामूली शुल्क लगता है जिसकी रशीद दी जाती है । कोई भी व्यक्ति किसी को रुपए न दे बल्कि रुपए लेने और मांगने वालो की शिकायत ऑफिस में आकर करे।
