इटावा। इटावा शहरी क्षेत्र में आवारा और पागल कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आवारा और पागल कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में कोतवाली क्षेत्र के गाड़ी पुरा 11 वर्षीय मासूम आहिल की कुत्तों के हमले में दर्दनाक मौत हुई थी। उसके बाद अब थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के सुंदरपुर गांव में फिर से एक पागल कुत्ते ने हमला बोलकर 15 वर्षीय किशोर प्रशांत को बुरी तरह घायल कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पूरा गांव सहम गया।
प्राथमिक विद्यालय के बाहर कुत्ता आने से डेढ़ घंटे तक बच्चे स्कूल में कैद होने पर मजबूर हुए। परिवार वालों को बुलाकर बच्चों को दीवार के सहारे निकालकर घर भेजा गया। ग्रामीणों के मुताबिक बीते शुक्रवार को प्रशांत सुबह गली से होकर गुजर रहा था। तभी आवारा पागल कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया। कुत्ता उसे जमीन पर पटककर नोचने लगा। शोर मचने पर ग्रामीण दौड़े और बड़ी मुश्किल से बच्चे को छुड़ाया। घायल किशोर को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया।
जहां डॉक्टरों ने रेबीज के टीके लगाए। हमले के समय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय सुंदरपुर में करीब 75 बच्चे मौजूद थे। अचानक कुत्ते के गेट के भीतर घुस आने से बच्चों और शिक्षकों में हड़कंप मच गया। डर के मारे कुछ बच्चे पेड़ों और झूलों पर चढ़ गए, तो कुछ ने कक्षाओं के दरवाजे बंद कर खुद को बचाया। प्रधानाध्यापिका विजय यादव ने बताया, हम सब बहुत डर गए थे। यह कुत्ता पहले भी लोगों को काट चुका है। बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को इसे तत्काल पकड़वाना चाहिए। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण रंजेश कुमार ने कहा, कुत्ता हमारे सामने ही प्रशांत को पटक कर नोच रहा था। अगर समय पर लोग न आते तो उसकी जान भी जा सकती थी।
ग्रामीणों ने बताया कि यह कुत्ता जन्म से ही गांव में पल रहा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसका व्यवहार अजीब हो गया था। घटना की सूचना पर वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ.आशीष त्रिपाठी स्कूल पहुंचे। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित रखा और कुत्ते को बाहर भगाया। बाद में प्रशांत के घर जाकर उसका हालचाल भी लिया। डॉ. त्रिपाठी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन को इस समस्या से तुरंत अवगत कराया जाएगा। बता दें, इटावा में कुछ दिन पहले ही 11 वर्षीय मासूम बच्चे को आवारा कुत्तों ने नोच-नोचकर मौत के घाट उतार दिया था।
इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। अब सुंदरपुर गांव की घटना ने एक बार फिर से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते आवारा कुत्तों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव में घूम रहे इस पागल कुत्ते को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर ठोस कार्रवाई की जाए। ताकि बच्चों और ग्रामीणों को भय के साए से मुक्ति मिल सके।
