
औरैया जनपद में भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कुमार कठेरिया पर दलित समाज के एक पीड़ित परिवार को जबरन समझौता कराने का गंभीर आरोप लगाया है।जानकारी के अनुसार, दिनांक 07.09.2025 को भाजपा जिलाध्यक्ष अपने 8-10 समर्थकों के साथ थाना फफूंद क्षेत्र के धानुक जाति के उस पीड़ित परिवार के घर पहुंचे, जिसने विपक्षी रामकुमार यादव व उसके परिजनों के खिलाफ मु.अ.स. 325/2025 पंजीकृत कराया है।आरोप है कि जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पीड़ित वृद्धा के घर में दबंगई के साथ प्रवेश किया और परिवार को धमका कर जबरन समझौता करने का दबाव बनाया। सी सी टीवी कैमरे में कैद, उन्होंने खुलेआम विपक्षी पक्ष की हौसला बुलंद हाथापाई भी की, जिससे दलित धानुक परिवार भय और आतंक के माहौल में जीने को मजबूर हो गया है।परिवार का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद उनकी बहू, जो कि शिक्षिका हैं, को भी विद्यालय के प्रधानाचार्य की मिलीभगत से प्रताड़ित किया जा रहा है। यह पूरा घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि प्रशासनिक स्तर पर भी दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।पीड़ित पक्ष ने प्रशासन को फोन पर सूचना दी और अपने परिवार की जान-माल को खतरे से अवगत कराया। बावजूद इसके परिवार बेहद सहमा हुआ है और न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है।सूचना मिलते ही थाना फफूंद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना को संज्ञान में लिया। हालांकि, परिवार का कहना है कि उन्हें अभी भी सुरक्षा की आवश्यकता है और यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा जिलाध्यक्ष अपने पद का दुरुपयोग कर समाज के कमजोर और वंचित वर्ग को दबाने का प्रयास कर रहे हैं?क्या कानून से ऊपर खुद को समझने वाले ऐसे लोग प्रशासन और न्याय व्यवस्था की साख को चुनौती नहीं दे रहे?पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों से न्याय, सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।रिपोर्ट ओमकार कठेरिया
